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What is Computer in Hindi कंप्यूटर क्या है

 

What is Computer in Hindi - कंप्यूटर क्या है

 

सीधे शब्दों में कहें तो कंप्यूटर एक प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों को ग्रहण करती है डाटा को प्रोसेस करती है.








कंप्यूटर को हिंदी में संगणक भी कहते हैं. यह एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो यूजर द्वारा इनपुट किये गए डाटा को इनपुट डिवाइस के स्वीकार करती है, फिर उसे प्रोसेस करने के बाद सूचनाओं को आउटपुट डिवाइस के द्वारा रिजल्ट के रूप में दिखाता है.

इसमें डाटा को स्टोर भी कर सकते हैं जिससे इसे भविष्य में इस्तेमाल कर सकते हैं. Computer (लैटिन ) भाषा के शब्द Computare से बना हुआ है जिसका मतलब होता है गणना करना.

ये हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों को हमारे भाषा में नहीं समझता बल्कि सिर्फ 0 और 1 के रूप में समझता है जिसे हम मशीन लैंग्वेज बोलते हैं.

लगभग हर जगह इसका इस्तेमाल किया जाता है.

आप अक्सर ऐसे बहुत सारे जगहों में हर रोज़ जाते होंगे जहाँ पर सरकारी या प्राइवेट कार्यालय होंगे.

कुछ साल पहले तक इन जगहों में लोग अपने काम के लिए फाइल्स और डाक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता था यानि पेपरवर्क ही किया जाता था.

ऐसा इसीलिए की इसने किसी हिसाब को लिखने और गणना करने के घंटे के काम और उसमे होने वाली गलतियों को न के बराबर ही कर दिया है

Computer Full Form in Hindi - कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P – Particularly

U – Used for

T – Technical

E – Educational

R – Research.


कंप्यूटर की परिभाषा क्या है


“कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यन्त्र है जो यूजर से इनपुट किये गए डाटा को प्रोग्राम के अनुसार प्रोसेस करता है और इसके बाद आउटपुट के रूप में रिजल्ट दिखाता है .









यूजर इनपुट डिवाइस से कंप्यूटर के डाटा को इनपुट डाटा के रूप में लेता है उसके बाद जो डाटा यूजर डालता है उसे ये अपने प्रोग्राम के द्वारा प्रोसेस करता है.

इसके बाद डाटा को आउटपुट के रूप में यूजर को दिखा देता है. ये दो तरह के डाटा को स्वीकार कर के प्रोसेस करता है, एक तो होता है Arithmetical और दूसरा Logical.

Input:– सबसे पहले इनपुट डिवाइस से यूजर डाटा को इसमें डालता है उसे input कहते हैं.

ये set of data या information होता है. जो की कई प्रकार के होते हैं जैसे letters, numbers, words, audio, video इत्यादि.

Processing:– ये एक internal process होता है. Input किये हुए डाटा को program में दिए instruction के आधार पर process करता है.

Output:– Processed data को रिजल्ट के रूप में मॉनिटर पर देखते हैं उसे output बोलते हैं. जब डाटा process हो जाता है तो वो monitor स्क्रीन, प्रिंटर, audio device के जरिये हमे मिल जाता है.


कंप्यूटर के स्क्रीन को क्या कहते हैं

आउटपुट डिवाइस कहते हैं.



Types of Computer in Hindi - इसके प्रकार क्या हैं

Analog – वैसा सिस्टम जो जानकारी को दिखाने के लिए analog signal का इस्तेमाल करते हैं उसे Analog कंप्यूटर कहते हैं. इस में जो जानकारी होती है वो continuous form में होती है जिसे curves के रूप में दिखाते हैं.

इस का इस्तेमाल continuous physical quantity को मापने में किया जाता है जैसे तापमान, बिजली का प्रवाह, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन.

Digital – वैसे सिस्टम जिसमे अलग जानकारी को दिखाने के लिए binary digits का इस्तेमाल हैं उसे डिजिटल कंप्यूटर कहते हैं.

इस में जानकारी discrete form में होती है. ये जानकारी को text, picture और graphics के रूप में हसौ करती है.

Hybrid – वैसे सिस्टम जो जानकारी को दिखाने के लिए analog signal के साथ साथ binary digits को भी समझने के योग्य होते हैं उसे हम Hybrid कंप्यूटर के तोर पर जानते हैं.

इस में operating mode के अनुसार जानकारी शो करती है. इस में जानकारी को continuous form में और साथ ही discrete form में होती है क्यूंकि इसमें ये डिजिटल प्रोसेसिंग के साथ ही एनालॉग प्रोसेसिंग भी करती है.


कंप्यूटर के प्रकार के आधार पर – Discussed


सुपर कंप्यूटर – इस तरह के सिस्टम सबसे तेज़ और शक्तिशाली होते हैं. ये बहुत ही महंगे होते हैं और इनका उपयोग सिर्फ ख़ास कामों के लिए किये जाते हैं.

जैसे मौसम की भविष्यवाणी, इस के लिए बहुत ही जटिल गणना किया जाता है, यही वजह है की इस का इस्तेमाल किया जाता है.

इसके अलावा इसका इस्तेमाल एनीमेशन, ग्राफ़िक डिजाइनिंग, nuclear energy research, और fluid dynamics के कैलकुलेशन करने में किया जाता है.

मेनफ़्रेम कंप्यूटर – ये एक बहुत ही महंगा और बड़े आकर का system होता है जो एक साथ हज़ारों यूजर को एक साथ handle करने में capable होता है.

अगर इस में hierarchy की बात करें तो सबसे नीचे एक microprocessor होता है जो की सुपर कंप्यूटर तक पहुँचता है जो की ऊपर में होता है. मेनफ़्रेम सुपर वाले से नीचे स्तर के होते हैं.

अगर कुछ मौको की बात करे तो ये सुपर सिस्टम से कई गुना शक्तिशाली होते हैं क्यूंकि ये एक साथ कई प्रोग्राम को run करा सकते हैं जिसमे हज़ारों यूजर एक साथ काम कर सकते हैं.

लेकिन सुपर कंप्यूटर में एक बार में एक प्रोग्राम जो run करता है वो मेनफ़्रेम से बहुत तेज़ काम करता है.

मिनी कंप्यूटर – आकर और शक्ति के अनुसार ये medium level में आते हैं. मिनी कंप्यूटर, मेनफ़्रेम और वर्क स्टेशन के बीच में आते हैं.

साधारण तोर पर अगर बात करें तो ये ऐसे सिस्टम होते हैं जिस में 4-200 यूजर एक साथ काम कर सकते हैं.

माइक्रो या पर्सनल कंप्यूटर – यह इस प्रकार का यंत्र होता है जो सिर्फ एक इंसान के इस्तेमाल के लिए बनाया हुआ होता है इसे आज पर्सनल कंप्यूटर के नाम से भी जाना जाता है जो सिंगल चिप माइक्रो प्रोसेसर क्या आधार पर बना होता है.

इसमें मुख्यता लैपटॉप और डेस्कटॉप आते हैं –

डेस्कटॉप – एक पर्सनल या माइक्रो-मिनी सिस्टम एक डेस्क में आसानी से फिट हो जाते हैं.

लैपटॉप – ये ऐसे सिस्टम होते हैं जो पोर्टेबल होते हैं इस में एक इंटीग्रेटेड स्क्रीन और कीबोर्ड होता है.

ये साधारण तौर पर डेस्कटॉप से आकर में छोटे होते हैं और नोटबुक से बड़े होते हैं.

Palmtop/डिजिटल डायरी/ PDA – ऐसे सिस्टम जो हमारे हाथ में आ जाते हैं इतने छोटे होते हैं. इस में कीबोर्ड नहीं होता है. इस में स्क्रीन ही इनपुट और आउटपुट डिवाइस के रूप में काम करता है.

Type of Computer - कंप्यूटर के भाग

1. Input Deviceइनपुट डिवाइस अलग अलग प्रकार के हैं जिससे डाटा और instruction को इनपुट कर सकते हैं. यहाँ मैं आपको अलग अलग इनपुट डिवाइस के बारे में बता रहा हूँ. Keyboard, Light pen, Digital Camera, Mouse, Scanner.

2. Motherboard
Motherboard सिस्टम का main circuit board होता है. इसमें सभी हिस्सों को connect किया जाता है.

CPU, Mouse, keyboard, प्रिंटर, मॉनिटर और भी devices cables से directly motherboard से कनेक्टेड होती है.

Motherboard सिस्टम के अंदर एक hardware होता है. इसे हम सिस्टम का backbone भी बोलते हैं.

PC और लैपटॉप के अलावा भी बहुत सारी devices हैं जिसमे motherboard इस्तेमाल किया जाता है. Mobile और tablet जैसे devices में भी motherboard होता है.

अलग अलग सिस्टम के motherboard की shape और size डिवाइस के अनुसार होती है. कुछ पार्ट्स तो सीधे motherboard में ही connected होते हैं.

3. CPU (Central Processing Unit)


इसे सिस्टम का दिमाग बोला जाये तो बिलकुल गलत बात नहीं है. जिस तरह इंसान अपने दिमाग से सोचता है और decision लेता है उसी तरह सिस्टम में भी CPU इंसान के दिमाग की तरह काम करता है.

इसको बहुत सारे नामो से भी जाना जाता है, जैसे e-brain processor, central processor, और micro processor.

ये सिस्टम cabinet के अंदर Motherboard में होता है. वर्ल्ड का पहला processor Intel कंपनी ने 1970 में बनाया था.

CPU किसी सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर से आने वाले instruction को follow करता है और कंट्रोल करता है. CPU के मुख्यता 2 पार्ट्स होते हैं.

  •  Arithmetic and Logical Unit
  •  Control Unit

Arithmetic और logical unit दोनों तरह के डाटा (numerical or logical data) को कैलकुलेट करता है और निर्णय लेता है.

ये addition, subtraction, multiplication, division के साथ ही logical data (< = > and , or) को प्रोसेस कर लेता है. Control unit system के सारे कामों को कंट्रोल करता है.

इस के सारे पार्ट्स को जैसे input, output, processor के काम को नियंत्रित करता है.

4. Output Device

सिस्टम में डाटा प्रोसेस हो जाने के बाद रिजल्ट को output करने कर के दिखने के लिए जिन devices को सिस्टम प्रयोग करता है उसे आउटपुट डिवाइस बोला जाता है.

आउटपुट डिवाइस sound, video, shape, photo इत्यादि के रूप में यूजर को डाटा प्रदान करता है.

आउटपुट डिवाइस में हम सभी मॉनिटर, प्रिंटर, earphone, स्पीकर को जानते हैं. ये सभी device information में हमे output कर के दिखती है.

यहाँ मैं आपको कुछ जरुरी आउटपुट डिवाइस बता रहा हूँ. Monitor, Speaker, Printer, Projector, etc.
5. Hard Disk Drive

Hard disk एक सिस्टम के storage के रूप में कार्य करता है. यानि की जितने भी डाटा होते हैं जैसे videos, MP3, documents सभी तरह के फाइल्स को जहाँ सेव करते हैं उसे ही hard drive बोलते हैं. ये permanent storage device होता है. जिसमे जब तक चाहे तब तक डाटा स्टोर कर के रख सकते हैं.


6. RAM (Random Access Memory)


RAM को Main Memory या primary memory या volatile memory भी बोलै जाता है. इसे volatile memory इसीलिए बोलते हैं क्यों की डाटा को temporarily स्टोर करता है.

इसका फुल फॉर्म Random Access memory होता है. RAM सिस्टम की स्पीड को increase करता है. इसीलिए जितनी हाई कैपेसिटी RAM होगा सिस्टम उतना स्पीड काम करेगा.

जब भी कोई यूजर सिस्टम में काम करता है तो काम करते वक़्त जितना भी यूजर काम करता है उसे स्टोर कर के रखता है.

लेकिन अगर किसी वजह से डाटा सेव नहीं किया और पावर चली गई तो सारा डाटा भी lost हो जायेगा.

RAM यानि temporary memory सिर्फ काम करते वक़्त डाटा को सेव करती है. इसे permanently स्टोर करने के लिए उसे hard drive में ही स्टोर करना जरुरी है.

7. Power Supply


SMPS (Switched Mode Power Supply) एक इलेक्ट्रिकल डिवाइस है जो सिस्टम के सभी पार्ट्स को पावर supply करता है.

Father of Computer in Hindi - कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया


इसका आविष्कार दुनिया के सबसे बड़े आविष्कारों में से एक है. क्यों की इसने पूरी दुनिया को बदल दिया. सारे काम अब इसी से किये जाते है. इसने इंसानो के काम को बहुत आसान बना दिया है.

क्या आप जानते है की इस का आविष्कार किसने किया और इसके जनक कौन हैं. अगर नही मालूम तो जान लीजिये की इस का आविष्कार जिस इंसान ने किया था उनका नाम Charles Babbage है.

Charles Babbage इस के पिता कहे जाते हैं जिन्होंने 1822 में “Differential engine” नाम से mechanical कंप्यूटर बनाया था.

वैसे तो इस को develop या विकसित करने में बहुत सारे लोगों ने वक़्त के साथ योगदान दिया है. 1837 में उन्होंने Analytical engine के रूप में पहला modern सिस्टम दुनिया के सामने लाया.

Analytical engine में ALU (Arithmetic and Logic unit), basic flow control और integrated memory का प्रयोग किया था.

आजकल के सिस्टम भी इसी मॉडल के आधार पर बनाये जाते हैं. यही वजह है की उन्हें modern age सिस्टम का जनक कहा जाता है.




History of Computer in Hindi - कंप्यूटर का इतिहास


इसका अविष्कार 2000 साल पहले किया गया था. “Abacus” दुनिया का पहला कंप्यूटर है . Abacus लकड़ी का बना हुआ एक रैक होता है . जिससे गणित के कैलकुलेशन किये जाते हैं.

इसके development को generation के रूप में बांटा गया जो एक एक करके बताते हैं की हम और आप तक ये आधुनिक रूप किस तरह से बन कर आया है. साधारण तौर पर इसके इतिहास को 5 जेनेरशन में वर्गीकृत किया गया है.

Generation of Computer –

First Generation Vaccum Tubes (1940-1956)

पहले generation के इसमें vaccum tubes को circuitry और magnetic drum के रूप में मेमोरी के लिए इस्तेमाल करते थे.

इसके अलावा ये बहुत heat भी generate करते थे जिससे की malfunction की भी प्रॉब्लम होती थी.

इसमें punch cards और paper tape का इस्तेमाल करते थे इनपुट डिवाइस के लिए और output के लिए print outs का इस्तेमाल करते थे.

ये मशीन language का इस्तेमाल करते थे. First generation के कुछ उदाहरण ये हैं UNIVAC और ENIAC.

Second Generation Transistor (1956-1963)

Second generation computers में vaccum tubes की जगह transistor का इतेमाल होने लगा. Transistors का अविष्कार Bell labs ने 1947 में किया था.

ये transistors vaccum tube की तुलना में कई गुना बेहतर थे क्यों की ये बहुत fast होने के साथ ही काम electricity भी इस्तेमाल करते थे जिससे इसको चलना काफी सस्ता हो गया.

Second-generation computer machine language की जगह Assembly language का इस्तेमाल करते थे. इस में COBOL और FORTRAN high-level language के रूप में इस्तेमाल किया गया.

Third Generation Integrated circuits (1964-1971)

इस generation में Integrated circuits ने transistors की जगह ले ली. अब transistor काफी छोटे हो गए थे जिसे silicon chips के अंदर डाला गया और उसे semiconductor बोला जाता है.

इसने स्पीड और efficiency काफी ज्यादा बढ़ा दी. Punch card और printout की जगह अब keyboard और Monitor का इस्तेमाल होना शुरू हो गया, जिस के लिए operating system का प्रयोग किया गया.

Fourth generation Microprocessor (1971-Present)

Fourth generation के रूप में microprocessor का इस्तेमाल किया गया. इसमें हज़ारो integrated circuits को एक silicon chip के अंदर ही built किया गया.

अब ये सिस्टम इतना develop हो चूका था जो पुरे रूम को कैप्चर किया करता था अब वो हथेली भर के साइज का हो चूका है.

Intel 4004 chip को1971 में develop किया गया जिसके अंदर सारे components को fix कर दिया गया. 1981 में IBM ने घर पर प्रयोग होने वाला पहला सिस्टम भी तैयार कर लिया.

Fifth Generation Artificial Intelligence (Present and beyond)

Fifth generation सिस्टम artificial intelligence पर आधारित है, जो की अभी भी डेवेलोप किया जा रहा है.

इसका एक रूप हम इस्तेमाल कर रहे हैं वो है voice recognition. Quantum calculation parallel processing artificial intelligence के ही उदाहरण हैं.

Artificial intelligence होने से ये खुद ही निर्णय लेने के लिए सक्षम होते हैं.


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. कम्प्यूटर क्या होता है

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए डाटा और निर्देशों को इनपुट डिवाइस के माध्यम से प्राप्त करता है फिर उसे अपने प्रोसेसिंग यूनिट के द्वारा प्रोसेसिंग का काम शुरू करता है और उपयोगकर्ता को इनपुट किए गए डेटा के अनुसार आउटपुट प्रदान करता है.

2. कंप्यूटर से हम क्या क्या कर सकते हैं


इससे हम बहुत सारे काम कर सकते हैं जैसे वैज्ञानिक अनुसंधान में वैज्ञानिक इसे हफ्ते प्रयोगों के लिए इस्तेमाल करते हैं.

शिक्षा संस्थान में इसका इस्तेमाल कई प्रकार से किया जाता है और खासकर आजकल डिजिटल लर्निंग के लिए बच्चों को सही ढंग से किसी टॉपिक को समझाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

रक्षा के क्षेत्र में यह यंत्र बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और एयरक्राफ्ट कंट्रोल सिस्टम, संचार सिस्टम, मिसाइल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार सिस्टम में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है.

दूरसंचार के क्षेत्र में यंत्र की उपयोगिता काफी अधिक है और आज इंटरनेट में इस संचार को पूरे विश्व में फैला दिया है जिसके लिए यह भी महत्वपूर्ण माना जाता है.

आजकल हर छोटे बिजनेस में अपने काम को आसान करने के लिए लोग पर्सनल कंप्यूटर इस्तेमाल जरूर करते हैं.

अब किसी भी सरकारी या प्राइवेट ऑफिस में चले जाएं आपको हम पर लोग अपने कामों को कंप्यूटर में ही करते हुए नजर आएंगे.

बैंकों में आपने सभी स्टाफ को कंप्यूटर में ही काम करते हुए देखा होगा.

आजकल जटिल से जटिल ऑपरेशन को कंप्यूटर की मदद से ही आसानी के साथ सफलतापूर्वक कर लिया जाता है और मरीज को स्वस्थ कर दिया जाता है और बड़ी से बड़ी बीमारी को भी खत्म कर दिया जाता है.

3. कंप्यूटर की परिभाषा क्या है हिंदी में

कंप्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो इनपुट यंत्र के द्वारा इनपुट किए गए डाटा को स्वीकार करता है और फिर उसे प्रोसेस करके आउटपुट यंत्र के द्वारा यूजर को रिजल्ट दिखा देता है.

4. वर्क स्टेशन कंप्यूटर क्या है

वैज्ञानिक अनुसंधान और के लिए उपयोग किए जाने वाले विशेष कंप्यूटर को वर्क स्टेशन कंप्यूटर कहा जाता है यह मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं जिसमें एक साथ कई उधर काम कर सकते हैं.

5. कंप्यूटर का जनक कौन है

19वीं शताब्दी में गणित के प्रोफेसर जिनका नाम चार्ल्स बैबेज था उन्होंने ही कंप्यूटर का आविष्कार किया था जिसके कारण में इस यंत्र का जनक या फिर इसका का पिता कहा जाता है.

6. कंप्यूटर का पिता कौन है 

चार्ल्स बैबेज इस यंत्र के पिता है जो गणितज्ञ होने के साथ एक मैकेनिकल इंजीनियर और आविष्कारक भी थे आज जो आधुनिक पीसी का इस्तेमाल हम और आप कर रहे हैं वह उन्हीं की देन है जिन्होंने डिफरेंशियल इंजन के रूप में पहले कंप्यूटर को बनाया था.

7. कंप्यूटर कितने प्रकार की होती है

प्रोसेसिंग स्पीड और आकार के आधार पर कंप्यूटर के चार प्रकार होते हैं.

मिनी कंप्यूटर

माइक्रो कंप्यूटर
मेनफ्रेम कंप्यूटर
सुपर कंप्यूटर


8. कंप्यूटर की खोज किसने की और कब

इसे बनाने वाले इंसान का नाम चार्ल्स बैबेज है और जिन्हें कंप्यूटर के जनक और पिता के रूप में भी जाना जाता है या यूं कहें कि कंप्यूटर की आविष्कार करने के कारण उन्हें ही कहा जाता है कि कंप्यूटर की खोज चार्ल्स बैबेज ने सन 1823 ईस्वी में की है.

9. भारत में पहली बार कंप्यूटर कब आया

कोलकाता में इंडियन स्टैटिसटिकल इंस्टिट्यूट में पहली बार 1952 में कंप्यूटर को स्थापित किया गया. इस प्रकार भारत में इस यंत्र का चलन शुरू हो गया.

10. सबसे तेज कंप्यूटर कौन सा है

दुनिया का सबसे तेज कंप्यूटर है चीन का सुपर कंप्यूटर है जिसका नाम सनवे ताइहूलाइट है.

11. भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कौन सा है

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर परम 8000 है और यह 1991 में भारत में ही बनाया गया था.

12. कंप्यूटर की स्क्रीन को क्या कहते हैं

इस की स्क्रीन को मॉनिटर कहते हैं जिसे विसुअल डिस्प्ले यूनिट भी कहते हैं.

13. कंप्यूटर का आइक्यू क्या है

कंप्यूटर का आइक्यू लेवल 0 होता है. लेकिन ऐसा क्यों है? क्योंकि कंप्यूटर वैसे आइक्यू टेस्ट कोई पास कर पाता है जिसके लिए वह पहले से प्रोग्राम किया हुआ रहता है.
जब भी कंप्यूटर से वैसे सवाल पूछे जाते हैं जिसका प्रोग्राम उसमें पहले से डाला हुआ नहीं है तो फिर वह उसका जवाब देने में विफल हो जाता है.
अगर आप इसे सवा सौ सवाल पूछते हैं और एक भी संभाल के लिए इसे प्रोग्राम नहीं किया गया है तो इसके जवाब देने का प्रतिशत जीरो होगा.

14. कंप्यूटर में क्या क्या पढ़ा जाता है

कंप्यूटर में कई प्रकार के कोर्स कराए जाते हैं

  • Web Desigining - वेब डिजाइनिंग
  • Basic computer Course - बेसिक कंप्यूटर कोर्स
  • Graphic Design - ग्राफिक डिजाइनिंग
  • CCC -  (सीसीसी)
  • Digital Marketing - डिजिटल मार्केटिंग
  • Animation - एनिमेशन
  • Mobile app development - मोबाइल एप डेवलपमेंट
  • Software engineering - सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग
  • E- Accounting - ई-एकाउंटिंग
  • Tally - टैली
  • Cyber security - साइबर सिक्योरिटी कोर्स
  • Data entry operator - डाटा एंट्री ऑपरेटर
  • Advance Diploma in computer Application - एडवांस डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन
  • Advance Diploma in finical Accounting - एडवांस डिप्लोमा इन फाइनेंशियल अकाउंटिंग
  • Computer programming certification - कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सर्टिफिकेशन कोर्स
  • ITI Course - आईटीआई इन कंप्यूटर
  • Diploma in computer science- डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस
  • Search engine optimization - सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन

SUMMARY IN HINDI -संक्षेप में :-

उम्मीद करता हूँ की कंप्यूटर किसे कहते है हिंदी में समझ गए होंगे और आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी.

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